मैं जानी मैं जानी लडैती जू
Shringar Ras Ke Pada —
Verse 7 of 35
बिहारिनि तेरेई रंग रंगी।
तेरेई हित में नित्य लडैति, तेरेई प्रेम पगी॥ [1]
तेरे सुख में सुख पावत, तेरेई काम जगी।
तेरेई कृपा ते ललित किसोरी, हँसि हँसि कंठ लगी॥ [2]
- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, श्रृंगार रस के पद (20)
Biharini, your color is colorful. तेरी हिट मन नित लड़ैती, तेरी प्रेम पगी.. [1] तेरी सुख मैं सुख पावत, तेरी कम जगी। ललित किशोरी, आपकी कृपा से मैं हंसने लगा.. [2] - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की आवाज, श्रृंगार रस के गीत (20)