दिन अथयौ संध्या भई, बोलन लागे मोर।
Siddhanta Pada —
Verse 10 of 63
दिन अथयौ संध्या भई, बोलन लागे मोर।
बिहारी बिहारिनि रंग महल में, मिले नैंन की कोर॥
- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (33)
प्रिय दोस्तों, संध्या भाई, और बोलना शुरू करें। बिहारी बिहारी रंग महल में, नैनन की उत्पत्ति पाई.. - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत के छंद (33)