नृपति निकुंज विहारनि रानी।

Siddhanta Pada —

Verse 40 of 63

नृपति निकुंज विहारनि रानी। ललित सचिव परिकर जन सेना, परिचारक किशोर वर मानी॥ [1] राजत सदा छत्र सिंघासन, सुख बरसत वृंदावन रजधानी। काम केलि बकसत लालन को, यह सुख बिलखि जै श्री वंशी अलि बलि बलि जानी॥ [2] - श्री वंशी अलि, सिद्धांत के पद (18) नृपति निकुंज विहाराणि रानी। ललित सचिव परिकर जन सेना, परिचारक किशोर वर मणि.. [1] रजत छत्र सिंहासन सदा, सुख बरसे वृन्दावन राजधानी। कम केली बकसत लालन को, ये सुख बिलखि जय श्री वंशी अली बाली बाली जानि.. [2] - श्री वंशी अली, सिद्धांत के पद (18)
नित्य विहार निरंतर मेरो।प्रीतम कुंवरि चरन बिनु को है।