सब ही संत हैं रस भरे, सब ही रस की खानि।

Siddhanta Pada —

Verse 48 of 63

सब ही संत हैं रस भरे, सब ही रस की खानि। रंगमहल में बिहारी बिहारिन, बिहरैं रसिक सुजान॥ - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (2) सभी संत रुचि से भरे हैं, सभी की रोचक कहानियां हैं। रंगमहल में बिहारी बिहारिन, बिहारिन रसिक सुजन.. - श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की आवाज, सिद्धांत के बोल (2)
हम बालक तुम माय हमारीसाधो भाई ऐसौ महल हमारौ।