श्री वृंदावन में परि रहै, देखि बिहारी रूप।

Siddhanta Pada —

Verse 57 of 63

श्री वृंदावन में परि रहै, देखि बिहारी रूप। तासु बराबर कौ करै, सब भूपन कौ भूप॥ -श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (12) श्री वृन्दावन में एक देवदूत है, उसका बिहारी रूप देखो। तासु सम कौन, सब भूपन कौ भूप.. -श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू के वचन, सिद्धांत (12)
श्री वृन्दावन चन्द्र जू, महाप्रेम-सुख दानि।सोई रहै महा आनंद में एक लाडिली जाहि राखै ।