चलु मन श्री वृन्दावन ओर

Snket Lata — श्री संकेत अली

Verse 5 of 9

काहू की मानत न प्रिय, लालन चित्त उदास। गये सोच ‘संकेतअलि’, श्री ललिता के पास॥ - श्री संकेत अली, संकेत लता (657) काहू की राय अच्छी नहीं, लालन उदास। सोचा 'साकेतली' श्री ललिता के पास गई.. - श्री संकेत अली, संकेत लता (657)
चलु मन श्री वृन्दावन ओरलड़ैती मैं सब भाँति तिहारो