लड़ैती मैं सब भाँति तिहारो

Snket Lata — श्री संकेत अली

Verse 6 of 9

(राग पूर्वी) लड़ैती मैं सब भाँति तिहारो। कबहुँ नहोत मीन मेरो तव छवि जल निधि न्यारो॥ [1] भये चकोर नयन छवि निरखति, समुझि समुझि सुधाकर प्यारो। अपने चरण कमल की भ्रमरी, अलि संकेत विचारो॥ [2] - श्री संकेत अली, संकेत लता (64) (राग पूर्वी) लड़ाई में सब बैठी तिहारो। कबहुं नहोत मिन मेरो तव छवि जल निधि न्यारो.. [1] भये चकोर नयन छवि निराखति, समुझि समुझि सुधाकर प्यारो। आपके चरण कमलों की माया को समझो संकेत अली.. [2] - श्री संकेत अली, संकेत लता (64)
चलु मन श्री वृन्दावन ओरचलु मन श्री वृन्दावन ओर