चलु मन श्री वृन्दावन ओर
Snket Lata — श्री संकेत अली
Verse 7 of 9
मम विनय करुणा धाम श्यामा श्याम यह सुनि लीजियै।
नित बास वृंदाविपिन मे दृढ़ संग रसिकन दीजियै॥ [1]
बंशी अली हरिदास हित हरिवंश व्यासादिक जहां।
तहं तुम्हें विहरत देखि अलिसंकेत सुख पावै महां॥ [2]
- श्री संकेत अली, संकेत लता (888)
मम विनय करुणा धाम श्यामा श्याम यः सुनो। वृन्दाविपिन में द्रधा सहित रसिकान नित्य दें। [1] बंशी अली हरिदास हित हरिवंश व्यासदिक जहां। आपको वहां घूमते देखकर बहुत खुशी हुई.. [2] - श्री संकेत अली, संकेत लता (888)