प्यारी छवि देषौ नयन भरि आली
Snket Lata — श्री संकेत अली
Verse 8 of 9
(राग पीलू दादरा)
प्यारी छवि देषौ नयन भरि आली।
ललित कुंज वृषभान सुता संग, शोभित हैं बनमाली॥ [1]
कबहुंक बिहरत गल बाहीं दे, गहे सुमन तरु डाली।
अलिसंकेत निहारत शोभा, नित प्रति अदां निराली॥ [2]
- श्री संकेत अली, संकेतलता (71)
(राग पीलू दादरा) प्यारी छवि देशौ नयन भारी अली। ललित कुंज वृषभान सुता सुन्दर, बनमाली सुन्दर। [1] जब बिहार मुझे लड़की देता है, जहाँ सुमन का पेड़ रोपा जाता है। अली संकेत खूबसूरत लगते हैं, हर दिन अनोखा है.. [2] - श्री संकेत अली, संकेत लता (71)