गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत

Sudharm Bodhini — श्री लाड़लीदास

Verse 5 of 5

‘रा’ अक्षर श्रीगौरतन, ‘धा’ अक्षर घनश्याम। सहज परस्पर आत्मरति, विधि मिली राधा नाम॥ - श्री लाड़लीदास, सुधर्म बोधिनी (4.2) 'रा' अक्षर है श्री गौरतन, 'ध' अक्षर है घनश्‍याम। सहज परस्पर आत्म-प्रेम, राधा नाम आधारित विधि... - श्री लाडली दास, सुधर्मा बोधिनी (4.2)
गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत