गौर देत नित सर्व सुख श्याम रूप ह्वै लेत
Sudharm Bodhini — श्री लाड़लीदास
Verse 4 of 5
प्रगट महल वृंदाविपिन, महली श्यामा श्याम।
नर नारी सब टहलनी, सेवत आठों याम॥
- श्री लाड़लीदास, सुधर्म बोधिनी (1.92)
प्रगट महल वृंदाविपिन, महलि श्यामा श्याम। सभी स्त्री-पुरुषों को जाकर आठों यमों की सेवा करनी चाहिए.. - श्री लाडली दास, सुधर्मा बोधिनी (1.92)