मुरली कौन तप तें कियौ

Sur Sagar — श्री सूरदास

Verse 32 of 92

(राग सोरठ) मुरली कौन तप तें कियौ। रहत गिरधर मुखहि लागी अधरन को रस पियौ॥ [1] नंद नंदन पानि परस कै तोहि तन-मन दियौ। सूर श्री गोपाल वस किये जगत में जश लियौ॥ [2] - श्री सूरदास, सूर सागर (राग सोरठा) मुरली कौन तप दास कियौ। रहत गिरधर मुखहि लागि अधरन को रस पयौ.. [1] नंद नंदन पानी पारस की तोहि तन-मन दियौ। जिस लोक में सूर श्री गोपाल बसते हैं, उस जगत पर गर्व करो.. [2] - श्री सूरदास, सूर सागर
मेरी सुधि लीजौ हो, ब्रजराजहम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति