सूर सागर
Sur Sagar
श्री सूरदास · 92 verses · Braj
- 1. हों इन मोरन की बलिहारी
- 2. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 3. बलि बलि हौं कुँवरि राधिका
- 4. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 5. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 6. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 7. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 8. तज मन हरि विमुखन को संग
- 9. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 10. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 11. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 12. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 13. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 14. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 15. हरिजन संग छिनक जो होई
- 16. हों इन मोरन की बलिहारी
- 17. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 18. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 19. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 20. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 21. मन रे श्याम सों कर हेत
- 22. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 23. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 24. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 25. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 26. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 27. खंजन नैन सुरंग रसमाते
- 28. लोचन भए स्याम के चेरे
- 29. मन रे श्याम सों कर हेत
- 30. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 31. मेरी सुधि लीजौ हो, ब्रजराज
- 32. मुरली कौन तप तें कियौ
- 33. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 34. मन रे श्याम सों कर हेत
- 35. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 36. फूल्यो री सघन वन तामे
- 37. राधे जु के प्रान गोवर्धन धारी
- 38. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 39. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 40. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 41. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 42. प्यारी तोहि गिरधर लाल
- 43. हरिजन संग छिनक जो होई
- 44. राधे जु के प्रान गोवर्धन धारी
- 45. राधे तेरौ बदन बिराजत नीकौ
- 46. यह सब जानों भक्त के लच्छन
- 47. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 48. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 49. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 50. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 51. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 52. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 53. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 54. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 55. स्याम भये बस नागरि कैं
- 56. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 57. तज मन हरि विमुखन को संग
- 58. राधे तेरौ बदन बिराजत नीकौ
- 59. ठाड़े मनमोहन सुन्दर यमुना
- 60. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 61. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 62. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 63. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 64. मन रे श्याम सों कर हेत
- 65. राधे तेरौ बदन बिराजत नीकौ
- 66. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 67. हम अहीरि कह जानईं जोग जुगुति की रीति
- 68. यह सब जानों भक्त के लच्छन
- 69. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 70. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 71. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 72. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 73. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 74. धन्य धन्य वृषभानु दुलारी
- 75. दोऊ राजत स्यामा स्याम
- 76. जौ हम भले बुरे तौ तेरे
- 77. जो सुख ब्रज में एक घरी
- 78. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 79. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 80. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 81. जौ हम भले बुरे तौ तेरे
- 82. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 83. सब तजि भजिऐ नंद कुमार
- 84. राधा माधव भैंट भई
- 85. राधा परम निर्मल नारि
- 86. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 87. जौ हम भले बुरे तौ तेरे
- 88. सब तजि भजिऐ नंद कुमार
- 89. ऐसैं बसिऐ ब्रज की बीथिनि
- 90. सुने री मैंने निरबल के बल राम
- 91. Braj-Vasi-Patatar Kou Naahin
- 92. दूलह मदनगोपाल राधा नव दुलही