रसिकन की रसना सदा जपै युगल को नाम
Upadesh Granths —
Verse 1 of 2
रसिकन की रसना सदा, जपै युगल को नाम।
सुरत सनी रहे रूप में, रैन दिना अठ याम॥
- श्री रूप माधुरी, उपदेश चिंतामणि, रसिक पच्चीसी (6)
रसिकान सार सदा युगल नाम जपते हैं। सुरत शनि रहे रूप पुरुष, रैन दीना अथा यम.. - श्री रूप माधुरी, उपदेश चिंतामणि, रसिक पचीसी (6)