मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय
Vallabh Sakhi — गोस्वामी श्री हरिराय
Verse 18 of 18
उर बिच गोकुल नयन जल, मुख श्री वल्लभ नाम।
अस तादृशी के संग तें, होत सकल सिध काम॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (54)
उर बिच गोकुल नयन जल, मुख श्री वल्लभ नाम। उदाहरण के अनुसार ही सभी कार्य सिद्ध होते हैं.. - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (54)