मन नग ताको दीजिये जो प्रेम पारखी होय
Vallabh Sakhi — गोस्वामी श्री हरिराय
Verse 17 of 18
श्री यमुनाजी सो नेह करि, यह नेमी तू लेह।
श्री वल्लभ के दास बिनु, औरन सो तजि स्नेह॥
- गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (76)
श्रीयमुनाजी सो नेह कारी, ये नेमी तू लेह। श्री वल्लभ के दास बिनु, सो तजि सनेह.. - गोस्वामी श्री हरिराय जी, वल्लभ साखी (76)