जो क्रीड़ा वृन्दावन कीनी राधे सुंदरश्याम

Vishisht Doha — श्री रूपरसिक देवाचार्य

Verse 5 of 7

जो क्रीड़ा वृन्दावन कीनी, राधे सुंदरश्याम। ‘रूपरसिक’ रसिकन की जीवन, एक वस्तु द्वै नाम॥ - श्री रूपरसिक देवाचार्य, विशिष्ट दोहा (33) वृन्दावन में खेल खेले,राधे सुंदरश्याम। 'रुप्रासिक' रसिकन का जीवन, एक वास्तु द्वै नमः.. - श्री रूपरासिक देवाचार्य, विशेष दोहा (33)
जो क्रीड़ा वृन्दावन कीनी राधे सुंदरश्यामजो क्रीड़ा वृन्दावन कीनी राधे सुंदरश्याम