तें मोह्यौ प्यारी मेरौ लाल
Vitthal Vipul Vani — श्री विट्ठल विपुल देव
Verse 15 of 19
नव वन नव निकुंज नव बाला
नवरंग रसिक रसीलो मोहन विलसत कुंजबिहारी लाला॥
- श्री विठ्ठल विपुल देव जी, विट्ठल विपुल देव जू की बानी (35)
नव वन नव निकुंज नव बाला नवरंग रसिक रसिलो मोहन विलासत कुंजबिहारी लाला.. - श्री विट्ठल विपुल देव जी, विट्ठल विपुल देव जू की बानी (35)