श्री विट्ठल विपुल देव जू की वाणी

Vitthal Vipul Vani

श्री विट्ठल विपुल देव · 19 verses · Braj

  1. 1. प्यारी तेरी चाल चितवन बाँकी
  2. 2. जिन रूठौ लागौं तिय पैयाँ
  3. 3. लाल करत तेरे गुन गानैं
  4. 4. लालहिं बस करनी, मदन मन हरनी
  5. 5. लाल करत तेरे गुन गानैं
  6. 6. प्रातहीं किसोर जोरि कुंज-केलिनी
  7. 7. प्यारी तेरी चाल चितवन बाँकी
  8. 8. लालनु तेरेई आधीन
  9. 9. लालनु तेरेई आधीन
  10. 10. लालनु तेरेई आधीन
  11. 11. लालनु तेरेई आधीन
  12. 12. लालनु तेरेई आधीन
  13. 13. सुनहु रसिक श्रीवृन्दावन को जस
  14. 14. हमारें माई स्यामा जू कौ राज
  15. 15. तें मोह्यौ प्यारी मेरौ लाल
  16. 16. तें मोह्यौ प्यारी मेरौ लाल
  17. 17. तें मोह्यौ प्यारी मेरौ लाल
  18. 18. प्यारी तेरे नैननि पर तृण टूटत
  19. 19. आज बनी लाड़िली प्रीतम संग आवति