प्यारी तेरी चाल चितवन बाँकी

Vitthal Vipul Vani — श्री विट्ठल विपुल देव

Verse 7 of 19

(राग विभास) प्यारी तेरी चाल चितवन बाँकी। बाँके बसन, आभरन बाँके, बंक रेख उर आँकी॥ [1] बंक सुभाव, मिलन बाँकी, प्रिया बंक कोर रहि झाँकी। श्रीबीठलविपुल बिहारी बाँके मिले, तातें तू फिरत निसाँकी॥ [2] - श्री विठ्ठल विपुल देव जी, श्री विट्ठल विपुल देव जू की वाणी (6) (राग विभासा) प्यारी तेरी चल चितवन बांकी। बांके बसन, आभरण बांके, बीएनके रेख उर अंकी.. [1] बीएनके सुभाव, मिलन बांकी, प्रिया बीएनके कोर रही झांकी। श्री विट्ठल विपुल बने बिहारी, बोले निर्भीक.. [2] - श्री विट्ठल विपुल देव जी, श्री विट्ठल विपुल देव जू की वाणी (6)
प्रातहीं किसोर जोरि कुंज-केलिनीलालनु तेरेई आधीन