संविधाय दशने तृणं विभो प्रार्थये व्रजमहेन्द्रनन्दन
Vitthalnath Stotras — श्री विट्ठलनाथ (गुसाईं जी)
Verse 3 of 18
संविधाय दशने तृणं विभो प्रार्थये व्रजमहेन्द्रनन्दन।
अस्तु मोहन तवातिवल्लभा जन्म जन्मनि मदीश्वरी प्रिया।
- श्री विट्ठलनाथ जी, श्री राधा चतु:श्लोकी (4)
संविधाय दशने तृण विभो प्रार्थना व्रजमहेन्द्रानन्दन। मदीश्वरी प्रिया का जन्म अस्तु मोहन तवतीवल्लभ से हुआ था। - श्री विट्ठलनाथ जी, श्री राधा चतुश्लोकी (4)