आगे की आगे गई अब न रुखाई देहु

Vivek Lakshan Beli — श्री चाचा हित वृंदावनदास

Verse 6 of 7

श्री राधाबल्लभ गुन चरित, जाके हियें निवास। वृन्दावन हित भक्त वह, सब सुख-मंगल रासि॥ - श्री वृंदावन दास चाचा जी, विवेक लक्षण बेली (26) श्री राधावल्लभ गुण चरित, जेके हयेन निवास। वृन्दावन हित भक्त वाह, सर्व सुख-मंगल रासी.. - श्री वृन्दावन दास चाचा जी, विवेक लक्षण बेली (26)
आगे की आगे गई अब न रुखाई देहुआगे की आगे गई अब न रुखाई देहु