धन धन वृन्दावन जमुना जल पानी
Vrindavan Rahasy Vinoda — श्री अभयराम
Verse 12 of 20
धन धन वृन्दावन की गैयाँ।
जिनको कृष्ण चरावत डोलैं, फिरैं आप पगपैयाँ॥[1]
जमुना तीर नीर कौं धावैं, बैठी कदम्ब की छैयाँ।
अभयराम येहू बड़भागिनी, भई कृष्ण की मैयाँ॥ [2]
- श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (57)
धन वृन्दावन गये। कृष्ण चराचर में घूम रहे हैं. [1] कहाँ बहता जल यमुना का, कदंब की छाया बैठी है। अभयराम येहु बड़भागिनी, भाई कृष्ण की माता.. [2] - श्री अभयराम, वृन्दावन रहस्य विनोद (57)