धन धन वृन्दावन जमुना जल पानी

Vrindavan Rahasy Vinoda — श्री अभयराम

Verse 13 of 20

धन धन वृंदावन की कोयल कारी। जिन बागन में रहै सदाई, बोलत है मतवारी॥ [1] बोलत आवै सबद सुनावैं, बैठे आम की डारी। अभयराम येहू बड़भागिन, स्यामा स्याम की प्यारी॥ [2] - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (63) धन धन कोयल वृन्दावन की। जिस बगीचे में सदाई रहता है, वहां मातावारी बोलता है... [1] वह आता है और एक आम की शाखा पर बैठता है और मुझे शब्द बताता है। अभयराम येहु बड़भागिन, स्याम स्याम की प्यारी.. [2] - श्री अभयराम, वृन्दावन रहस्य विनोद (63)
धन धन वृन्दावन जमुना जल पानीधन धन वृन्दावन की लता प्यारी