धन धन वृन्दावन जमुना जल पानी

Vrindavan Rahasy Vinoda — श्री अभयराम

Verse 16 of 20

धन धन वृन्दावन में राधारानी। रवि शशि जाके रहैं पहरुआ मुक्ति भरै तहाँ पानी॥ [1] पवन आयके झाडू देवे इन्द्र छिरकै पानी। अभयराम रज वनकी महिमा तीन लोक ने जानी॥ [2] - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (3) धन धन वृन्दावन में राधारानी। रवि जाते हैं शशि के पास, रक्षक जल भरते हैं वहाँ मोक्ष का.. [1] पवन आकर ले जाते हैं, इंद्र जल बहाते रहते हैं। अभयराम राजवन की महिमा को तीन लोक जानते थे.. [2] - श्री अभयराम, वृन्दावन रहस्य विनोद (3)
धन धन वृन्दावन जमुना जल पानीधन धन वृन्दावन जमुना जल पानी