धन धन वृन्दावन जमुना जल पानी

Vrindavan Rahasy Vinoda — श्री अभयराम

Verse 19 of 20

धन धन वृन्दाविपिन गुसाँई। आसन डार जाप में बैठें, इन सम दूजो नाहीं॥ [1] रज को भान ध्यान हिरदे में, उज्वल रहैं सदाँई। अभयराम ये महानुभाव हैं, इनके सम कोऊ नाहीं॥ [2] - श्री अभयराम, वृंदावन रहस्य विनोद (87) धन धन वृन्दाविपिन गुसानि। पग-पग पर जप में बैठो, ये बातें मत भूलो.. [1] राज्य की स्मृति मन में रखो, सदैव उज्ज्वल रहो। अभयराम एक महान व्यक्ति हैं, उनसे प्रतिस्पर्धा मत करो.. [2] - श्री अभयराम, वृन्दावन रहस्य विनोद (87)
धन धन वृन्दावन जमुना जल पानीधन धन वृन्दावन जमुना जल पानी