खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 11 of 139

स्वामिनी प्रगटी सुख भयौ, सुर पुहुपनी वरषाइ। हित हरिवंश प्रताप तें, मिले निसान बजाइ॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (10) स्वामिनी प्रगति सुख भयौ, सुर पुहुपानी वर्षाशाय। हित हरिवंश प्रताप दास, श्री निसान बजाई.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (10)
कहाँ हौं वृंदावन तजि जाउँखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार