खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 125 of 139

सेवा हूँ तें दूर कियो, विधि निषेध जंजार। श्री स्वामी हरिदास जू, गायो नित्य विहार॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी सेवा हूं तेन दुर कियो, शृंखला विधि वर्जित। श्री स्वामी हरिदास जू, गयो नित्य विहार.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी
कहाँ हौं वृंदावन तजि जाउँश्रीराधावल्लभ तुम मेरे हित