खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 129 of 139
श्री वृंदावन की माधुरी, रसिकन की घर बात।
चारु चरन अंकित सदा, निरखी व्यास बलिजात॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (29)
श्री वृन्दावन की माधुरी, रसिकन के घर की बात। चारु चरण अंकित सदा, निरखी व्यास बालिजात.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (29)