खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 13 of 139

व्यासहि अब जिनि जानियौ, लोक वेद कौ दास। राधा वल्लभ उर बसे, औरन तें जु उदास॥ - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार), व्यास वाणी, साखी (13) व्यासहि अब जिनि जनियौ, लोक वेद कौ दास। राधा वल्लभ उर आधार, औरन तेन जू उदास.. - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार), व्यास वाणी, साखी (13)
खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सारखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार