खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 14 of 139

व्यासहि बॉमन जिनि गनौं, हरिभक्तन कौ दास। (श्री) राधावल्लभ कारनैं, सह्यौ जगत उपहास॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (14) व्यासहि बोमन जिनि गनौं, हरि भक्त के सेवक। (श्री) राधावल्लभ कारणैन, सहयु जगत उपहार.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (14)
खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सारखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार