खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 137 of 139
व्यास सु रसिकन की रहनी, बहुत कठिन है वीर।
मन आनंद घटे ना छिन्न, सहें जगत की पीर॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (37)
व्यास सु रसिकन का जीवन बहुत कठिन और वीरतापूर्ण है। हानि मत छीन ले मन की ख़ुशी, सहन कर ले संसार का दुःख.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (37)