खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 17 of 139

रसिक कहे सोइ भली, बुरी न मानो लेश। पद रज लें सर पर धरौं, यह व्यासै उपदेश॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (20) रसिक का कहना है कि वह अच्छी तरह सोई, बुरा मत मानना। पद रज लेन सिर दारु, यः व्यासै उपदेश.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (20)
कहाँ हौं वृंदावन तजि जाउँखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार