खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 22 of 139
स्वान प्रसादहि छ्वै गयौ, कौआ गयौ विटारि।
दोऊ पावन व्यासकैं, कहै भागौत विचारि॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (25)
स्वं प्रसादि छ्वै गयौ, कौवा गयौ वितारी। दोउ पवन व्यासकं, कहै भगत विचारी.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (25)