खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 23 of 139

मेरे मन आधार प्रभु, श्रीवृंदावन चंद। नितप्रति यह सुमिरत रहौं, व्यासहि मन आनंद॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (28) अधर प्रभु मेरे मन में, श्री वृन्दावन छंद। हर दिन मैं खुश हूं, मेरा मन खुश है. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (28)
खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सारखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार