खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 24 of 139
व्यास राधिका-रवन बिनु, कहूँ न पायौ सुख।
डारनि-डारनि मैं फिरयौ, पातनि-पातनि दुख॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (31)
व्यास राधिका-रावण बिनु, सुख न पीऊं। मैं अनेक प्रकार से भटकता हूं, स्त्रियों और पत्नियों को कष्ट होता है... - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (31)