खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 26 of 139

व्यास बसेरौ कुंजमें, वंसीवट की छाँह। हरि भगतन कौ आसरौ, राधावर की वाँह॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (33) व्यास बसेरौ कुंजा में, वंशीवट की छाया में। हरि भगतन कौ असरौ, राधावर की वन्ह.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (33)
खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सारखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार