खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 36 of 139

व्यास बड़ाई छाँड़िकैं, हरि चरनन चित जोरि। एक भक्त रैदास पै, वारौं बाँमन कोरि॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (48) व्यास बड़ाई छंदकैन, हरि चरणन चित जोरि। एक भक्त रैदास पै, वरौं बनमन कोरी.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, साखी (48)
खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सारसबकौ भाँवतौ राधावर