खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 38 of 139

व्यास न कथनी कामकी, करनी है इक सार। भक्ति बिना पंडित वृथा, ज्यौं खर चंदन-भार॥ - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (52) व्यास की कथा उपयोगी है, उनका आचरण ही उसका सार है। पंडित के बिना भक्ति रेत के बोझ के समान व्यर्थ है.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (52)
सबकौ भाँवतौ राधावरप्यारी तेरे वदन-कमल-रस अटक्यौ