खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 40 of 139
व्यास विदित चतुराइयनि, उपदेसै संसार।
करनी नाव चढ़े बिना, क्यौं करि पावै पार॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (53)
व्यास विदित चतुरायणी, उपदेशै संसार। मैं बिना चढ़े रास्ता क्यों पार करूं? - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (53)