खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 58 of 139
जम की मार बुरी अहै, छुटै न और उपाइ।
दृढ़ करिकै हरि भक्ति ह्वै, तब हरि भक्त सहाइ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (75)
ट्रैफिक जाम का दर्द बहुत बुरा है, इसका कोई दूसरा इलाज नहीं है. हरि को भजोगे तो हरि भक्त तुम्हारी सहायता करेंगे.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (75)