खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 6 of 139
(श्री) राधावल्लभ मूल अरु, और फूल दल डार।
व्यास इनहिं तैं होत हैं, अंस कला अवतार॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (6)
(श्री) राधावल्लभ मूल अरु, और फुल दल डार। इनमें व्यास गरम हैं, उत्तर कला के अवतार हैं.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (6)