खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार

Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास

Verse 81 of 139

(श्री) राधावल्लभकौ हौ भांवतौ चेरौ। राधावल्लभ कहत सुनतही, मन न नैम जम केरौ॥ [1] राधावल्लभ वस्तु भूलि हूँ, कियौ अनत नहिं फेरौ। राधावल्लभ व्यासदासकै सुनहुँ श्रवन दै टेरौ॥ [2] - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, पूर्वार्ध (133) (श्री) राधावल्लभकौ हउ भानवतौ चेरौ। राधावल्लभ कहते हैं, सुनतहि, मन न नैन जम केरौ.. [1] राधावल्लभ वास्तु भूलि हुन, तुम हरदम क्यों नहीं फिरते। राधावल्लभ व्यासदासकै सुनहुं श्रवण दै तेरौ.. [2] - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, पूर्वार्ध (133)
मन बावरे तूँ हरि पद अटक्यौखरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार