खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 9 of 139
हित हरिवंश कृपा बिना, निमिष नहीं कहुँ ठौर।
व्यास दास की स्वामिनी, प्रगटि सब सिरमौर॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (09)
हरिवंश को मारो बिना कृपा के पलकें नहीं झपकतीं। व्यास दास की स्वामिनी, प्रगति सर्वोपरि.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत मित्र (09)