कहाँ हौं वृंदावन तजि जाउँ
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 92 of 139
(राग सारंग)
श्रीराधे जु आसा पुजवौ मेरी।
हा हा कुँवरि किसोरी बलिजाऊँ, करहु आपनी चेरी॥ [1]
मोहि स्यामकौ डर नहिं स्यामा, छुटत न आसा तेरी।
अगति जाति तैं मेरी देही, भव सागर तें फेरी॥ [2]
कामधेनु के संग न सोहै, सदाँ छोतिमय छेरी।
तुव पद पंकज पारस परसत, व्यास कहा अब खेरी॥ [3]
- श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी , पूर्वार्ध (291)
(राग सारंग) श्री राधे, मेरी पूजा करो। हा हा, कुमारी कन्या, करूंगी अपनी चेरी.. [1] मोहि स्यामकौ दर नहिं स्यामा, छुटत न आसा तेरी। तन में आग लगे, सागर दास लौट आओ। [2] सोहई में कामधेनु के साथ, घर सूना है। तुव पद पंकज पारस परसत, व्यास कहा अब खीरी.. [3] - श्री हरिराम व्यास (विशाखा अवतार) - व्यास वाणी, पूर्वार्ध (291)