जा मुख तें श्री यमुने यह नाम आवे

छीतस्वामी

Pada 13

जा मुख तें श्री यमुने यह नाम आवे । तापर कृपा करत श्री वल्लभ प्रभु, सोई श्री यमुना जी को भेद पावे ॥१॥ तन मन धन सब लाल गिरिधरन को देकें, चरन जब चित्त लावे । छीतस्वामी गिरिधरन श्री विट्ठल, नैनन प्रकट लीला दिखावे ॥२॥
धन्य श्री यमुने निधि देनहारीधाय के जाय जो श्री यमुना तीरे