फल्यो जन भाग्य

कृष्णदास

Pada 19

फल्यो जन भाग्य पथ पुष्टि प्राकट करण दुष्ट पाखंड मत खंड खंडन किये । सकल सुख घोष को तिमिर हर लोक को कृष्ण रस पोष को पुंज पुंजन दिये ॥१॥ सकल मर्यादा मंडन प्रभु अवतरे खलन दंडन करन भक्त निर्मल हिये । प्रकट लक्ष्मण सदन निरख हरखत वदन मदन छबि कदन भई पदन नखना छिये ॥२॥ उदित भयो इंदु वृंदा विपिन को हरख वरख रस वचन सुन श्रवण निजजन पिये । कृष्णदास निनाथ हाथ गिरिवर धर्यो साथ सब गोप मुख निरख नेनन जिये ॥३॥
परम कृपाल श्री वल्लभ नंदननवल वसंत नवल वृंदावन