अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय

Agragrnthavali — श्री अग्रदास जी

Verse 3 of 4

'अग्र' काम हरिनाम से, संकट होत सहाय। कोऊ काहू को नहीं, देखो ठोक बजाय॥ - श्री अग्रदास जी, अग्रग्रंथावली 'अग्र' काम हरिनाम, संकट में सहाय। किसी बात की चिंता मत करो, देखने की बजाय देखो.. - श्री अग्रदास जी, अग्रग्रंथावली
अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहायअग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय