अग्रग्रंथावली

Agragrnthavali

श्री अग्रदास जी · 4 verses · Braj

  1. 1. अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय
  2. 2. अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय
  3. 3. अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय
  4. 4. अग्र काम हरिनाम से, संकट होत सहाय