दोऊ कानन लगि कहैं चुंबन देहिं अँकोर
Bhagwat Rasik Vani — श्री भगवत रसिक
Verse 35 of 135
दोऊ कानन लगि कहैं, चुंबन देहिं अँकोर।
अबकै मोहिं जिताब सखि, लेहुँ बलैयाँ तोर॥
- श्री भगवत रसिक जी, श्री भागवत रसिक जी की वाणी, अनन्यरसिकभरण ग्रंथ 1 (16)
दोउ कानन लागी काहें, चुनबन देहि अंकोर। अबकै मोहिं जीतब सखी, लेहुं बलइयां तोर.. - श्री भागवत रसिक जी, श्री भागवत रसिक जी की वाणी, अनन्यरसिकभरण ग्रंथ 1 (16)